वाहन रेंटल बिज़नेस को जो कुछ चाहिए
रेंटल बिलिंग
वापसी पर ओवरटाइम, फ़्यूल और अतिरिक्त km का हिसाब हो जाता है; बिल WhatsApp पर जाता है।
रेंटल फ़्लीट मैनेजमेंट
बाइक और कारें एक ही लिस्ट में, हर एक बाहर, खाली या ब्लॉक।
बुकिंग
किसी तारीख़ के लिए होल्ड, पिकअप पर रेंटल में बदल जाती है।
डिपॉज़िट
कमाई से अलग रखा जाता है, इसलिए रखा हुआ पैसा कभी कमाई जैसा नहीं दिखता।
ग्राहक रिकॉर्ड
हर ग्राहक के नाम, नंबर और रेंटल हिस्ट्री।
रोज़ की कमाई
दिन का कैश और UPI, रखे हुए डिपॉज़िट अलग दिखाकर।
रेंटल दुकानें कॉपी से क्यों बदल रही हैं
कॉपी दो लोगों को एक ही गाड़ी किराये पर देने से नहीं रोक सकती, बाइक का इंश्योरेंस एक्सपायर होने की याद नहीं दिला सकती, और यह नहीं बता सकती कि गल्ले में कितना पैसा ग्राहकों का डिपॉज़िट है। RentalNow तीनों करता है, और दुकान पर नेटवर्क न हो तब भी चलता है।
सेटअप में बस कुछ मिनट लगते हैं: अपनी गाड़ियाँ जोड़ें, छपे हुए रेट कार्ड की फ़ोटो खींचें, और ऐप मॉडल और रेट पढ़ लेता है जिन्हें आप जाँच सकते हैं।
वाहन रेंटल बुकिंग से वापसी तक कैसे चलता है
बुकिंग किसी तारीख़ के लिए गाड़ी होल्ड कर लेती है। ग्राहक के आने पर आप उसे रेंटल में बदलते हैं: गाड़ी चुनिए, डिपॉज़िट लीजिए और ग्राहक का ड्राइविंग लाइसेंस या आधार नंबर दर्ज कीजिए (कार बिना ड्राइविंग लाइसेंस नंबर के नहीं दी जा सकती)। जब गाड़ी बाहर होती है तो वह "बाहर" दिखती है और दोबारा किराये पर नहीं दी जा सकती।
वापस आने पर ओवरटाइम और फ़्यूल का हिसाब होकर बिल में जुड़ जाता है। km आधारित रेट वाली कारों में अतिरिक्त किलोमीटर भी जुड़ते हैं, लेकिन तभी जब ओडोमीटर पिकअप और वापसी दोनों पर दर्ज हुआ हो। डिपॉज़िट का निपटारा होता है और बिल ग्राहक को WhatsApp पर चला जाता है।
दिन के अंत में कमाई वाला व्यू दिन का कैश और UPI दिखाता है, रखे हुए डिपॉज़िट अलग दिखाकर, ताकि आप हमेशा जानें कि क्या आपका है और क्या आप ग्राहकों के लिए रखे हुए हैं।
कागज़ात जो बिना पता चले कभी एक्सपायर नहीं होते
हर गाड़ी की इंश्योरेंस, PUC, परमिट और फ़िटनेस की एक्सपायरी तारीख़ें ट्रैक होती हैं। जिस गाड़ी के कागज़ एक्सपायर हो गए हों वह रिन्यू होने तक किराये पर देने से ब्लॉक रहती है।
मालिक के हाथ में कंट्रोल, काउंटर पर रफ़्तार
काउंटर स्टाफ़ किराये पर दे सकता है और वापस ले सकता है। कमाई, कीमतें और सेटिंग्स सिर्फ़ मालिक के लिए हैं, और हर काम के साथ नाम और समय दर्ज होता है। ग्राहक की ID के लिए ऐप सिर्फ़ ड्राइविंग लाइसेंस या आधार नंबर दर्ज करता है, और स्टाफ़ को कहता है कि दस्तावेज़ों की फ़ोटो फ़ोन में न रखें।
कीमत सिर्फ़ इस पर निर्भर है कि आपके पास कितनी गाड़ियाँ हैं
| प्लान | गाड़ियों की संख्या | महीना | साल |
|---|---|---|---|
| Starter | 15 गाड़ियों तक | ₹499/महीना | ₹4,990/साल |
| Growth | 50 गाड़ियों तक | ₹1,299/महीना | ₹12,990/साल |
| Pro | 150 गाड़ियों तक | ₹2,499/महीना | ₹24,990/साल |
| Multi-branch | कितनी भी गाड़ियाँ | ₹4,999/महीना | ₹49,990/साल |
हर प्लान में सारे फ़ीचर, अनलिमिटेड स्टाफ़ और अनलिमिटेड रेंटल मिलते हैं। पहले 14 दिन फ्री हैं, कार्ड नहीं चाहिए। कीमतों में GST शामिल नहीं है।
रेंटल दुकान के मालिक अक्सर पूछते हैं
अगर दुकान पर इंटरनेट न हो तो?
आप काम करते रहिए। रेंटल और वापसी फ़ोन में सेव हो जाती है और नेटवर्क आते ही अपने-आप अपलोड हो जाती है।
क्या मेरा डेटा सिर्फ़ एक फ़ोन में रहता है?
नहीं। डेटा आपके अकाउंट में रहता है और जिस भी डिवाइस पर आप साइन-इन करें वहाँ दिखता है। फ़ोन बदलिए, कुछ नहीं खोएगा।
क्या मेरा काउंटर स्टाफ़ मेरी कमाई देख सकता है?
नहीं। स्टाफ़ गाड़ी किराये पर दे सकता है और वापस ले सकता है। पैसे, कीमतें और सेटिंग्स सिर्फ़ मालिक के लिए हैं, और हर काम के साथ नाम और समय दर्ज होता है।
क्या मुझे सारे रेट खुद टाइप करने होंगे?
नहीं। अपनी छपी हुई रेट लिस्ट की फ़ोटो खींचिए, ऐप मॉडल और रेट पढ़ लेता है। कुछ गलत लगे तो ठीक कर लीजिए, बस।
फ्री ट्रायल ख़त्म होने पर क्या होता है?
नया रेंटल देना रुक जाता है। गाड़ी वापस लेना, बिल निपटाना और डिपॉज़िट लौटाना चलता रहता है, इसलिए सड़क पर मौजूद किसी ग्राहक को दिक्कत नहीं होती।
क्या इसे Play Store से डाउनलोड करना पड़ेगा?
नहीं। यह ब्राउज़र से कुछ ही सेकंड में इंस्टॉल हो जाता है, ऐप की तरह फ़ुल स्क्रीन खुलता है और लगभग 300 KB का है।
क्या एक ही गाड़ी दो बार किराये पर दी जा सकती है?
नहीं। जो गाड़ी बाहर है उसे दोबारा किराये पर नहीं दिया जा सकता। फ़्लीट लिस्ट हर गाड़ी को बाहर, खाली या ब्लॉक दिखाती है।
क्या यह इंश्योरेंस और PUC की एक्सपायरी ट्रैक करता है?
हाँ। हर गाड़ी की इंश्योरेंस, PUC, परमिट और फ़िटनेस की एक्सपायरी तारीख़ें ट्रैक होती हैं, और एक्सपायर कागज़ वाली गाड़ी रिन्यू होने तक किराये पर देने से ब्लॉक रहती है।
यह ग्राहक की कौन-सी ID दर्ज करता है?
सिर्फ़ ड्राइविंग लाइसेंस या आधार नंबर। ऐप स्टाफ़ को कहता है कि दस्तावेज़ों की फ़ोटो फ़ोन में न रखें, और कार बिना ड्राइविंग लाइसेंस नंबर के नहीं दी जा सकती।